श्री कृष्ण के कर्म भूमि पर निहाल हो गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
श्री कृष्ण भगवान की कर्मभूमि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पहली बार आना हुआ । यहां पर श्री कृष्ण भगवान को सांवर कहा जाता है लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जिस सांवर के दीवाने हुए वह कुरुक्षेत्र का एक सांड है ।
यह सांड हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के द्वारा दिया गया है । जो अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हो चुका है । गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ सर्वप्रथम कुरुक्षेत्र के गुरुकुल के 196 वें वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने के लिए पहुंचे थे । इस अवसर पर उन्होंने एक शेड का भी उद्घाटन किया जो कि गुरुकुल के 300 गायों में से देसी गायों के लिए बनाया गया है । इसकी लागत तकरीबन ₹10000000 है ।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की गायों के साथ जब सांवरा को देखा तो एकटक से देखते ही रह गए । उन्होंने सांड के साथ अनेक मुद्राओं में फोटो भी खिंचवाई ।
सहदेव सांवरे की उम्र इस समय 17 माह 12 दिन है । यह एक गिर नस्ल के सांड है । गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सैनी ने इस बारे में बताएं कि सावरा उनके गौशाला की शान है । अभी तक जितने व्यक्ति ने भी गुरुकुल के गौशाला का विचरण किया है । इनमें सभी को सैकड़ों हजारों की संख्या में सावरा सबसे अलग दिखा है । इसमें से सांवरे ने सबके मन और मस्तिष्क में अलग छाप बनाई है । सांवरा ने फरीदाबाद किसान मेले में ₹ 51 हज़ार का पुरस्कार भी हासिल कर चुका है ।
हिमाचल के राज्यपाल के द्वारा दिए गए इस सांड के बारे में गुरुकुल के व्यक्तियों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को काफी विस्तार से जानकारी दी । सांवरे का आकर्षण इतना ज्यादा था कि योगी आदित्यनाथ कुछ क्षण के लिए उस सावरे के पास ही रुक गए और उसे एकटक निहारते रह गए ।
इसके पश्चात देवव्रत आचार्य गोसेवा रघुवंश में खास रुचि रखने वाले योगी आदित्यनाथ को सांवरा उपहार के स्वरूप में देना उचित समझा । इसके पश्चात जल्द ही सहदेव गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ के विशाल गौशाला में सावरे को रखने का विचार बना रहे हैं ।

